
नमस्कार दोस्तों स्वागत करता हूं आपको आज के इस आर्टिकल में एक बेहतरीन आर्टिकल के साथ आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं Makar Sankranti Kab Hai 2025 कब है तथा इसका महत्व क्या है।
अक्सर भारत में देखा जाए तो मकर संक्रांति जनवरी के महीने में या ठंड के मौसम में ही मनाया जाता है इसका मनाने का मूल नक्शा दिया है कि सामाजिक एकता तथा कृषि की कटाई का प्रतीक भी होता है।
यह त्यौहार उत्तर भारत में ज्यादा मनाया जाता है और खासकर यूपी बिहार में तो यह बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है इस दिन पतंग भी उड़ाया जाता है।
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मकर संक्रांति कब है
आमतौर पर देखा गया है कि मकर संक्रांति अक्सर ठंड के मौसम में या जनवरी के महीना में ही पड़ता है हिंदू पंचांग के अनुसार देखा जाए तो इस वर्ष 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति मनाया जाएगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त 14 जनवरी को सुबह 6:40 पर शुरू हो जाएगा और 15 जनवरी 2025 को 2:45 पर खत्म हो जाएगा।
मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है
अगर हम बात करें मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है तो मकर संक्रांति मनाने की पीछे विभिन्न प्रकार की खास बात लोग बताते हैं चलिए उन खास बातों के बारे में हम चर्चा करते हैं
सूर्य का प्रवेश: इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, जिससे दिन लंबे होते हैं और रात छोटी होती है। इसे उत्तरायण का आरंभ माना जाता है, जो कि ज्योतिष के अनुसार शुभ समय होता है।
कृषि से संबंधित: मकर संक्रांति का त्योहार किसानों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि यह फसल कटाई का समय है। इस दिन नए फसलों की पूजा की जाती है।
त्यौहारों का संगम: मकर संक्रांति विभिन्न क्षेत्रीय त्योहारों का संगम भी है। इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे कि पोंगल (तमिलनाडु), लोहड़ी (पंजाब), और भोगली बिहू (असम)।
दान और सेवा: इस दिन दान देने का विशेष महत्व है। लोग तिल, गुड़, और अन्य खाद्य पदार्थों का दान करते हैं, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
मकर संक्रांति का महत्व क्या है
अगर हम मकर संक्रांति की महत्व की बात करें तो इसका यह महत्व है कि यह हर साल जनवरी में ही या ठंड के महीने में होता है इसकी महत्व और विस्तार में जानने के लिए हम नीचे पैराग्राफ में कुछ बिंदु बता रहे हैं।
अक्सर देखा गया है कि इस त्यौहार को मनाने के लिए सामाजिक एकता का प्रतीक भी बताया जाता है इसके साथ ही दान और पुण्य का भी प्रतीक है इस दिन लोग तीन गुण और अन्य खाद पदार्थ गरीबों में दान करते हैं।
इसके साथ ही इसके सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आध्यात्मिक महत्व होता है मतलब मकर संक्रांति को आत्मा की शुद्धि और मानसिक शांति का भी समय माना जाता है इसलिए लोग धूमधाम से इसको सेलिब्रेट करते हैं।
मकर संक्रांति पूजा विधि
अगर हम मकर संक्रांति की पूजा विधि की बात करें तो सबसे पहले आपको सुबह उठकर नहा कर अपने घर को साफ कर कर देना चाहिए और सूर्योदय होने से पहले सूर्य देवता का ही पूजा अक्सर किया जाता है।
मकर संक्रांति में आप जितना बड़ी मात्रा में तिल और गुण का दान पूर्ण करते हैं उतना ही सामाजिक स्तर आपका ठीक होता जाएगा ऐसा हिंदू पंचांग के अनुसार माना गया है।
अगर इसकी पूजा सामग्री की बात करें तो
इसकी पूजा सामग्री भी निम्नलिखित रूप से है सबसे पहले आपको एक थाली में चावल गुड़ चीनी ले लेना है और सूर्य देवता की पूजा करना है उसके बाद से पूरे घर में अगरबत्ती जला देना है।
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निष्कर्ष
आज के इस आर्टिकल में हमने आपको हिंदू धर्म की सबसे लोकप्रिय त्यौहार Makar Sankranti Kab Hai 2025 के बारे में एक विस्तार से जानकारी देने का प्रयास किया हूं।
इसके साथ या दे सकते हैं की पूजा कैसे किया जाता है तथा पूजा सामग्री क्या लगता है उसके बारे में विस्तार से चर्चा किया हूं यदि यह आर्टिकल आपको अच्छा लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें ताकि वह अभी एक अच्छी जानकारी प्राप्त कर सके।
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