Jitiya Kab Hai 2025 | जाने जितिया कब है और क्यों मनाया जाता है

Jitiya Kab Hai 2025
Jitiya Kab Hai 2025

नमस्कार दोस्तों स्वागत करता हूं आपको अपने वेबसाइट Weather.org .in पर आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं Jitiya Kab Hai 2025 कब है और क्यों मनाया जाता है तथा इसका महत्व क्या होता है।

अगर देखा जाए तो उत्तर भारत में सबसे ज्यादा प्रचलित त्यौहार होता है इसमें सुहागन महिला अपने बच्चों के लिए जितिया का व्रत रखती है।

ताकि उनका बच्चा स्वस्थ रहे और आने वाली हर मुसीबत से दूर रहे माना यह गया है कि जितिया को ही जीव पुत्री का भी कहा जाता है।

तो चलिए दोस्तों हम जितिया के बारे में एकदम विस्तार से चर्चा करते हैं और दिया देखते हैं कि इसका शुभ मुहूर्त कब है और कैसे इसका पूजा विधि संपन्न किया जाता है।

जितिया कब है

दोस्तों जितिया का व्रत हर साल अश्विन महिना के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है।

जितिया का त्योहार मुख्य रूप से बिहार झारखंड उत्तर प्रदेश की क्षेत्र में ही मनाया जाता है बताएं अपनी संतान के लिए निर्जला व्रत रखती है और भगवान जीतू वहां की विधि विधान से पूजा करती है

वैदिक पंचांग के अनुसार जितिया का व्रत 14 सितंबर 2025 को 12:38 पर शुरू होगी और इसका समापन मंगलवार के दिन 16 सितंबर 2025 को दोपहर 12:10 पर खत्म हो जाएगा।

  • 14 सितंबर 2025 रात 12:38 पर इसकी शुरुआत होगी और मंगलवार 16 सितंबर को दोपहर 12:10 पर समाप्त हो जाएगी।

अगर हम बात करें इसकी शुभ मुहूर्त की तो इसका शुभ मुहूर्त सुबह 10:30 से लेकर दोपहर 12 मिनट तक रहेगी।

जितिया व्रत क्यों मनाया जाता है

जितिया व्रत विशेष रूप से माताओं द्वारा अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। यह व्रत मुख्यतः बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है।

इस व्रत में महिलाएं दिनभर उपवास करती हैं और रात को विशेष पूजा-अर्चना करती हैं। इस दिन माताएं अपने पुत्रों के लिए विशेष भोजन तैयार करती हैं और उनके स्वास्थ्य और सफलता की कामना करती हैं। जितिया व्रत का महत्व इस बात में भी है कि यह मातृ प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।

जितिया व्रत का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार देखा जाए तो जितिया का त्योहार बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार माना गया है इस व्रत को महिलाएं अपने बच्चों की लंबी आई के लिए रखती हैं।

और अपने बच्चों के लंबी आई के लिए निर्जला व्रत रखती है और इस दिन व्रत के साथ महिलाएं कथा भी कहना एवं सुनना पसंद करती हैं और भी विस्तार से इसका महत्व जानने के लिए हमने कुछ बिंदु नीचे लिखा है जो आप पढ़ कर पूरे विस्तार में इसका महत्व जान सकते हैं।

पुत्रों की लंबी उम्र: यह व्रत माताएं अपने पुत्रों की स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए करती हैं। इसे मातृ प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

सुख-समृद्धि: माताएं अपने बच्चों की खुशहाली और समृद्धि की कामना करती हैं, जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहे।

संस्कार और परंपरा: जितिया व्रत हमारे संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। यह व्रत पीढ़ी दर पीढ़ी माताओं द्वारा निभाया जाता है, जिससे भारतीय संस्कृति के संस्कारों को बनाए रखा जाता है।

भक्ति और श्रद्धा: इस व्रत के माध्यम से माताएं अपनी भक्ति और श्रद्धा को व्यक्त करती हैं, जो परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

समुदाय में एकता: इस अवसर पर महिलाएं एकत्र होकर पूजा करती हैं, जिससे आपसी सहयोग और सामूहिकता की भावना बढ़ती है।

जितिया व्रत पूजा विधि

दोस्तों यदि जितिया व्रत पूजा विधि की बात करें तो सबसे पहले आप सुबह उठकर स्नान करें उसके बाद सूर्य देव की पूजा करें इसके बाद अपने घर के मंदिर में जाकर पूजा करें ।

पूजा करने के बाद मंदिर के चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाए उसके बाद कपड़े के ऊपर थाली रखें जहां सूर्य नारायण की मूर्ति को स्थापित करें और उन्हें स्नान स्नान करवा।

स्नान करवाने के बाद आप वहां पर दीपक अगरबत्ती भी जला सकती है इसके साथ ही गाय के गोबर से आप उसे स्थान को अच्छे से लिख सकते हैं।

अगर हम पूजा सामग्री की बात करें तो इसका पूजा सामग्री भी निम्नलिखित रूप से मौजूद है जैसे आप एक थाली में अगरबत्ती कपूर धूप चावल लाल कपड़ा रखें रखकर आप पूजा कर सकते हैं।

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निष्कर्ष

आज की इस महत्वपूर्ण आर्टिकल में हमने आपको Jitiya Kab Hai 2025 कब है से संबंधित सभी जानकारी देने का प्रयास किया हूं इसके साथ ही पूजा विधि कैसे संपन्न किया जाता है उसके बारे में विस्तार से चर्चा किया हूं।

यदि दी गई जानकारी आपको अच्छा लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कर सकते हैं ताकि वह भी जितिया से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी को प्राप्त कर सके और सही जानकारी के साथ व्रत रखें।

अगर हमने आपको सही जानकारी दे पाए है तो अप हमारे दूसरे वेबसाइट के मजेदार 2 line funny शायरी पढ़ सकते है.

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