Maa Durga Ke 9 Roop Ki Kahani माता दुर्गा की सभी रूपों की रोचक कहानी पड़े

नमस्कार दोस्तों स्वागत करता हूं आपको इतने और बेहतरीन आर्टिकल में आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं Maa Durga Ke 9 Roop Ki Kahani की देखा जाए तो नवरत्न आने वाला है और बहुत सारे लोग इसकी महत्व जानने के लिए उत्साहित होंगे।

देखा जाए तो नवरत्न का यह पवित्र महीना शांति और खुशी का संकेत देता है जो यह दर्शाता है आने वाला नौ दिन बहुत ही पवित्र एवं खुशी का दिन होने वाला है।

आज की इस आर्टिकल में हम माता रानी की सभी रूपों और उनकी खासियत के बारे में बताने वाले हैं ताकि आपको एक अच्छी जानकारी मिल सके।

Maa Durga Ke 9 Roop Ki Kahani
Maa Durga Ke 9 Roop Ki Kahani

Maa Durga Ke 9 Roop की अनोखी कहानी

1.    मां शैलपुत्री

माता दुर्गा जी का यह पहला रूप है जिसका अर्थ पर्वत होता है शैलपुत्री को पर्वत की पुत्री का दर्जा दिया गया है इसी वजह से इनको शैलपुत्री कहा जाता है माता शैलपुत्री के हाथ में कमल का फूल और एक हाथ में त्रिशूल होता है और इनका वाहन बैल होता है।

2.    मां ब्रह्मचारिणी

यह माता दुर्गा का दूसरा रूप है ब्रह्म का अर्थ तपस्या होता है माता देवी की इस रूप को धर्म की रक्षक बताया गया है इनकी एक हाथ में जाप की माला तो दूसरे हाथ में जल भरा कमंडल होता है।

ब्रह्मचारी माता तपस्या और भक्ति की प्रतीक बीमानी जाती है नवरात्रि के दूसरे दिन इनकी पूजा होती है इनकी पूजा मनुष्य के अंदर आत्मविश्वास और धैर्य जैसी पॉजिटिव ऊर्जा को जागती है।

3.    मां चंद्रघंटा

यह माता दुर्गा जी का तीसरा रूप माना जाता है देखा जाए तो इस वर्ष माता चंद्रघंटा की पूजा 5 अक्टूबर को तीसरी नवरात्रि के दिन किया जाएगा।

इनकी माथे पर अधिक चंद्राकर का निशान है इसलिए इनको चंद्रघंटा कहा जाता है यह रूप देवी मां का युद्ध को दर्शाता है देखा जाए तो इनके 10 हाथ मौजूद है और अलग-अलग हाथों में अलग-अलग अस्त्र-शस्त्र पाया जाता है।

माता देवी की इस रूप को पूजा करने से बेहतर साहस तथा आत्मविश्वास की शक्ति को दर्शाता है इस रूप को बुराई का अंत करने के लिए भी माना जाता है।

4.    मां कूष्मांडा

यह दुर्गा मां का चौथा रूप माना जाता है देखा जाए तो इस साल 6 अक्टूबर को चौथी नवरात्रि के दिन इनका पूजा का समापन किया जाएगा।

कूष्मांडा शब्द का अर्थ कुसुम मतलब फूलों के समीप हंसी होता है और इनका जीवन का ऊर्जा भी माना जाता है देखा जाए तो इनका 8 भुजाएं उपस्थित है।

इनके हाथ में अमृत कलश भी पाई जाती है इनकी पूजा करने से आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रति होता है माना यह जाता है कि यह देवी एक पॉजिटिव शक्ति का संदेश भी देती है।

5.    मां स्कंदमाता

दुर्गा मां का पांचवा रूप माना जाता है जिसका पूजा पांचवा नवरात्र के दिन किया जाता है इस वर्ष सात अक्टूबर को इनका पूजा का समापन किया जाएगा।

माता स्कंदमाता को युद्ध की देवी भी माना जाता है भगवान शिव और माता पार्वती के अच्छा भुजाओं वाले पुत्र स्कंदन की मां होने के कारण इनका नाम स्कंदन माता रखा गया है।

देवी स्कंदमाता विचार भुजाएं हैं उनके एक हाथ में स्कंदन और दूसरे हाथों में कमल का फूल दिखाई देता है करने से घर में खुशी और परिवार में शांति का माहौल बना रहता है।

6.    मां कात्यायनी

दुर्गा मां का छठा रूप माना जाता है वाल्मीकि की तपस्या से उत्पन्न हुई थी छठ नवरत्न के दिन 8 अक्टूबर को माता कात्यानी देवी का पूजा होता है स्वर्ण से चमकीले रंग वाली देवी की चार भुजाएं हैं। इनका वाहन सिंह है ।

माता कात्यायनी  पूजा करने से भक्तों की साहस और बाल में बहुत ज्यादा ऊर्जा उत्पन्न होता है अविवाहित लड़कियां माता की पूजा करने से अच्छे पति मिलने का शक्ति प्राप्त होता है।

7.    मां कालरात्रि

दुर्गा मां का यह सातवां रूप माना जाता है जो अंधकार और बुराई को नष्ट करती है मां कालरात्रि का तीन मित्र और चार भुजाएं हैं इनका वाहन गधा को माना गया है।

माना यह जाता है कि उनकी पूजा करने से नकारात्मक विचार खत्म हो जाती है और उर्जा शरीर में उत्पन्न होता है इसके साथ ही आत्मविश्वास और साहस की भी प्राप्ति हो जाती है।

8.    मां महागौरी

महागौरी दुर्गा मां का आठवां रूप माना जाती है इनकी पूजा आठवां नवरत्न को किया जाता है इस साल इनकी पूजा का समापन 10 अक्टूबर को होगा।

मां महागौरी की चार भुजाएं होती है और इनका वह बैल को माना जाता है महागौरी सुंदरता और शांति का प्रतीक भी मानी जाती है इनका आभूषण और वस्त्र सफेद रंग के होते हैं।

9.    मां सिद्धिदात्री

यह दुर्गा मां का नवां और अंतिम रूप माना जाता है यह हुआ सभी  सिद्धियों देने वाली देवी मानी जाती है देखा जाए तो मां सिद्धिदात्री की चार भुजाएं होती है और यह कमल पर विराजमान होती हैं इनका वाहन सिंह होता है।

नवरात्रि के सबसे अंतिम दिन सिद्धिदात्री का पूजा का समापन होता है और इसी दिन इनका विसर्जन भी हो जाता है यदि आप नवरात्रि के सभी दिन उपासना करते हैं तो आपकी सारी मनोकामना को पूरा करने की क्षमता यह क्षमता रखती है।

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निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको Maa Durga Ke 9 Roop Ki Kahani से संबंधित सभी सभी महत्वपूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया हूं।

यदि आप हिंदू धर्म से संबंध रखते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बहुत ही उचित होने वाला है क्योंकि इसमें देवी मां के सारे रूपों के बारे में विस्तार से चर्चा किया गया है।

यदि दी गई जानकारी आपको अच्छा लगे तो आप अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ इसको जरुर शेयर करें ताकि वह भी देवी माता के बारे में अच्छे से जानकारी को प्राप्त कर सके।

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